रैत (कांगड़ा) : जागोरी रूरल चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा वैश्विक अभियान उमड़ते सौ करोड़ (वन बिलियन राइजिंग) के अंतर्गत 13 फरवरी 2026, को चंबी मैदान रैत में युवा रंगमंच महोत्सव (यूथ थिएटर फेस्टिवल) का आयोजन किया गया, जिसमें कांगड़ा जिले के अलग-अलग कॉलेज के विद्यार्थियों और समुदाय के लोगों ने भाग लिया। इस महोत्सव में जागोरी ने युवाओं को कविता, नृत्य और रंगमंच के माध्यम से लैंगिक न्याय और पर्यावरणीय न्याय जैसे मुद्दों पर ‘देह से धरती” विषय पर अपनी रचनात्मक अभिव्यक्ति प्रस्तुत करने का मंच प्रदान किया। यह कार्यक्रम उमड़ते सौ करोड़ अभियान के अंतर्गत आयोजित किया गया था, इस साल अभियान की थीम है- “हमारा शरीर हमारी धरती हमारा भविष्य”।
भारत में वर्ष 2013 से जागोरी रूरल चैरिटेबल ट्रस्ट उमड़ते सौ करोड़ अभियान का नेतृत्व कर रहा है, जिसमें आभा भैया राष्ट्रीय समन्वयक के रूप में कार्यरत हैं। जागोरी संस्था इस अभियान के लिए राष्ट्रीय सचिवालय के रूप में भी कार्य करती है। उमड़ते सौ करोड़ (वन बिलियन राइजिंग) महिलाओं, लड़कियों और जेंडर-विविध लोगों के खिलाफ हिंसा को समाप्त करने का एक वैश्विक अभियान है, जिसकी शुरुआत 14 फरवरी 2012 को प्रसिद्ध नाटककार, लेखिका और सामाजिक कार्यकर्ता वी (पूर्व में ईव एन्सलर) द्वारा की गई थी। यह आंदोलन संयुक्त राष्ट्र के उस तथ्य पर आधारित है कि दुनिया भर में हर तीन में से एक महिला अपने जीवन में किसी न किसी रूप में हिंसा का सामना करती है।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विधायक शाहपुर केवल सिंह पठानिया ने कार्यक्रम को सराहते हुए कहा कि कला के माध्यम से और युवाओं को साथ लेकर जब हम शरीर और धरती पर हो रही हिंसा को लेकर अपनी आवाज़ बुलंद करते हैं तो हमारी आवाज़ दूर तक जाती है. उन्होंने ये भी कहा कि इस बारे में बात होना बेहद जरूरी है कि हमारे शरीर और हमारी धरती पर हो रही हिंसा हमारे कल यानी युवाओं पर क्या प्रभाव डाल रही है।”
“यूथ थिएटर फेस्टिवल” के माध्यम से युवाओं ने कलात्मक तरीकों से अपनी बात सबके सामने रखी कि वो कैसे भविष्य की कल्पना करते हैं।
महोत्सव में धन्वन्तरी नर्सिंग एवं फार्मेसी कॉलेज, मसल इंजीनियरिंग कॉलेज नगरोटा, हाईट ग्रुप ऑफ़ इंस्टिट्यूट शाहपुर , प्रियदर्शिनी नर्सिंग एवं फार्मेसी कॉलेज रैत, नगरोटा बगवां के मोहालकड़ और अब्दुल्लापुर, मंडल गाँव की महिलाओं ने भाग लिया। साथ ही सूर्य उदय चैरिटेबल ट्रस्ट के बच्चों ने भी महोत्सव में सांस्कृतिक प्रस्तुति यह सन्देश दिया कि एक आदर्श समाज में कोई गैर बराबरी नहीं होनी चाहिए, सूर्य उदय दिव्यांग बच्चों की जरूरतों को ध्यान में रखकर काम करता है।
महोत्सव के दौरान जैविक खेती को बढ़ावा देने और धरती को सुरक्षित बनाये रखने के लिए जागोरी के साथ जुड़ी नगरोटा बगवां की यशस्वी किसान बीना ने प्रतिभागियों को कोदरे की चाय परोसी। इस महोत्सव के माध्यम से जागोरी ने युवाओं को हमारे शरीर और धरती के शरीर पर हो रही हिंसा के खिलाफ आवाज बुलंद करने का प्रयास किया।




