ऊना में खनन पर एक साल तक प्रतिबंध; उपायुक्त की अध्यक्षता में कमेटी देगी सुझाव कि किस तरह से खनन होगा
शिमला: हिमाचल प्रदेश के ऊना जिला में खनन करने पर एक साल तक पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा। उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने शिमला में बताया कि ऊना में अवैध खनन की बहुत शिकायतें मिल रही थीं। इसके बाद ऊना जिला में खनन पर प्रतिबंध लगाया गया है।
ऊना में उपायुक्त की अध्यक्षता में कमेटी गठित की जाएगी। कमेटी के सुझाव पर खनन का निर्णय लिया जाएगा। चौहान ने कहा कि अवैध खनन रोकने के लिए एमफार्म भी क्यूआर कोड से स्कैन होगा। इसके अलावा अवैध खनन रोकने के लिए होमगार्ड के साथ मिलकर माइनिंग फोर्स तैनात की जाएगी। प्रदेश में अवैध खनन गतिविधियों की जांच के लिए राज्य सरकार ने कई तरह से पहल की है। सरकार ने अवैध खनन और खनिजों के परिवहन की जांच के लिए विभिन्न स्थानों पर चौकियां स्थापित की हैं। चौहान ने गुरुवार को शिमला सचिवालय में प्रदेश में खनन गतिविधियों से संबंधित मामलों की समीक्षा के लिए आयोजित बैठक की अध्यक्षता भी की।
उन्होंने कहा कि यह अवैध व्यापार अभी जारी है, क्योंकि उल्लंघनकर्ता अन्य वैकल्पिक मार्गों के माध्यम से इन चौकियों को दरकिनार कर रहे हैं, जिसे रोकने की आवश्यकता है। उन्होंने अधिकारियों को अवैध खनन में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश देते हुए कहा कि नालागढ़, ऊना, नूरपुर और पांवटा-़ साहिब जैसे क्षेत्र अवैध खनन के लिए अत्यधिक संवेदनशील हैं।



