हिमाचल प्रदेश के लाहुल-स्पीति में चीन सीमा के साथ कौरिक गांव है। वर्ष 1980 में इस गांव में 33 परिवार रहते थे। सीमा विवाद के चलते केंद्र ने कौरिक के लोगों को चंडीगढ़ में बसाने का वादा किया था। पर यह वादा पूरा नहीं हो पाया था। इसके बाद कौरिक गांव के लोगों को स्पीति में बसाया गया।
केंद्र सरकार का वादे को पूरा न होने के विरोध में लोगों ने नए गांव का नाम चंडीगढ़ सेक्टर-13 रखा। सेक्टर-13 नाम के पीछे भी कहानी है। चंडीगढ़ शहर के निर्माता ली कार्बूजिए ने सेक्टर-13 बनवाया ही नहीं था। क्योंकि वह 13 के अंक को अशुभ मानते थे।
भारत-चीन सीमा पर विवाद बढ़ने के दौरान तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने कौरिक गांव से वादा किया था कि उन्हें सीमा से हटाकर चंडीगढ़ में बसाया जाएगा। सेना ने इन परिवारों को सीमा से हटा दिया, लेकिन उन्हें चंडीगढ़ में नहीं बसाया जा सका। अपना विरोध दर्ज करते हुए लोगों ने नए गांव का नाम चंडीगढ़ रखा और साथ में सेक्टर-13 भी जोड़ा।


