इजराइल ने संयुक्त रूप से अमेरिका के साथ मिलकर ईरान पर बड़े सैन्य हमले शुरू किए। तेहरान समेत कई शहरों में मिसाइल और वायु हमले दर्ज किए गए। धमाकों से नागरिक इलाकों में अलर्ट जारी हुआ है।
इज़राइल और अमेरिका ने इसे “आत्मरक्षा” और “इजराइल की सुरक्षा खतरे के खिलाफ” कदम बताया है।
ईरान की प्रतिक्रिया
ईरान ने जवाब में आत्मरक्षा के तहत मिसाइल और ड्रोन हमले शुरू किए। कई मीडिया रिपोर्टों में कहा गया है कि ईरान ने इजराइल और कई मध्य-पूर्व देशों में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाते हुए लगभग 400 मिसाइलें दागीं।
इन मिसाइलों में से कुछ को लक्ष्यों पर पहुँचने की बात कही जा रही है, और कई खाड़ी देशों जैसे कतर, बहरीन, यूएई, कुवैत, सऊदी अरब आदि में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बताया गया है।
वैश्विक प्रतिक्रिया और स्थितिजन्य असर
रूस ने अमेरिका-इज़राइल के हमलों की कड़ी निंदा की है और कहा है कि यह “अप्रेरित सैन्य आक्रमण” है।
कूटनीतिक स्तर पर दुनिया भर के नेताओं ने तनाव कम करने और संघर्ष रोकने की मांग की है।
ईरान में इंटरनेट सेवाओं में भारी गिरावट और स्थानीय जीवन पर प्रभाव जैसे संकेत भी दिख रहे हैं।
स्थिति का सार
यह एक तेज़ी से विकसित होता हुआ संघर्ष है, जिसमें इज़राइल-अमेरिका की सैन्य कार्रवाई के खिलाफ ईरान ने तीव्र जवाब दिया है। दोनों पक्षों के बीच तनाव और बड़ा सैन्य संघर्ष जारी है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय चिंता जता रहा है।



