दुनिया की सबसे बड़ी चारपाई (cot/charpoy/bed) का रिकॉर्ड गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज है। यह विशाल चारपाई भारत के उत्तर प्रदेश के मेरठ शहर में बनाई गई थी। मेरठ वैसे भी खेल सामग्री और लोहे के सामान के लिए मशहूर है, लेकिन यहां के कारीगरों ने मिलकर यह अद्भुत चारपाई तैयार की और इसे गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज करवाया। अब पंजाब के अमृतसर में इससे भी बड़ी चारपाई बनाने का दावा किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि इस पर 100 लोग एक साथ बैठ सकते हैं।बताते हैं कि यह चारपाई भी गिनीज बुक में दर्ज है।
एक चारपाई 2012 में मेरठ के निरंजन शाह और उनकी टीम द्वारा बनाई गई थी। इसकी लंबाई लगभग 26 फीट और चौड़ाई करीब 8 फीट रखी गई थी। आम तौर पर एक सामान्य चारपाई पर 2 से 3 लोग आराम से सो सकते हैं, लेकिन इस विशाल चारपाई पर लगभग 40 से 45 लोग एक साथ लेट सकते हैं।
इस चारपाई को बनाने का मुख्य उद्देश्य यह साबित करना था कि भारत की परंपरागत “खाट” या “चारपाई” आज भी अपनी अहमियत रखती है। ग्रामीण इलाकों में यह चारपाई सिर्फ सोने का साधन ही नहीं बल्कि आपसी बातचीत और मेलजोल का केंद्र भी होती है।
इसका निर्माण बिल्कुल पारंपरिक तरीके से हुआ था। लकड़ी का मजबूत ढांचा, मोटी रस्सी और बुनाई का वही पुराना तरीका अपनाया गया। इसे बनाने में कई कारीगरों ने मिलकर मेहनत की। जब इसे प्रदर्शित किया गया, तो गिनीज टीम ने माप लेकर इसे दुनिया की सबसे बड़ी चारपाई घोषित किया।
इस रिकॉर्ड ने मेरठ को एक खास पहचान दिलाई। गिनीज बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज इस चारपाई ने भारतीय ग्रामीण संस्कृति की झलक दुनिया के सामने रखी। यह सिर्फ एक विशाल बिस्तर नहीं, बल्कि भारतीय परंपरा और कारीगरी की महान मिसाल है।
निष्कर्षतः दुनिया की सबसे बड़ी चारपाई मेरठ, उत्तर प्रदेश (भारत) में बनाई गई है, जिस पर एक साथ 40–45 लोग सो सकते हैं, और यह उपलब्धि गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज है।



