आंध्र प्रदेश के अनंतपुर ज़िले के लेपाक्षी गाँव में स्थित वीरभद्र मंदिर (16वीं शताब्दी) अपनी अद्भुत वास्तुकला और रहस्यों के लिए प्रसिद्ध है। इस मंदिर में कुल 70 स्तंभ हैं, लेकिन इनमें से एक स्तंभ जमीन को छूता नहीं है। इसे “लटकता हुआ स्तंभ” कहा जाता है।
विशेषताएं
1. यह स्तंभ छत को सहारा देता हुआ दिखाई देता है, लेकिन नीचे से कुछ सेंटीमीटर की दूरी पर हवा में लटका है।
2. लोग विश्वास करते हैं कि इस स्तंभ के नीचे कपड़ा या कागज़ निकालने से शुभ फल मिलता है।
3. माना जाता है कि विजयनगर साम्राज्य के समय बनाए गए इस मंदिर के कारीगरों ने गुरुत्वाकर्षण और संतुलन की तकनीक का अद्भुत उदाहरण पेश किया था।
4. ब्रिटिश काल में एक इंजीनियर ने इस रहस्य को समझने के लिए स्तंभ को हिलाने का प्रयास किया था, लेकिन मंदिर की संरचना को नुकसान होने लगा, इसलिए उसे रोक दिया गया।
5. यह मंदिर भगवान वीरभद्र (भगवान शिव का उग्र रूप) को समर्पित है और इसमें भित्ति चित्र, नक्काशी और शिल्पकला भी अद्वितीय है।
यह स्थान भारतीय शिल्पकला और स्थापत्य विज्ञान का दुर्लभ उदाहरण है।



